शुद्धि | Shuddhi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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जैन संगठन सभा देहली के उद्देश्य और निवम उद्दृश्य- (१) जेन जाति के विभिन्न सपशयों का पारिस्परिक प्रेम पूरक संगठन करना | (२) आपस की अवनति के कारणों को रोकना तथा सुरीतियों का मचार करना । (२) जैनियों के हित की नाहाँ और जब आंवश्यकता हो रक्ता व उन्नति करना । (४) हिन्दू मात्र से पूण सहादुभूति रखना । समासदो, नियम- (१) समासदी, प्रतिज्ञा पत्र पर हस्ताक्षर करने. पर १६ पप से अधिक उम्राला हरेक स्त्री युरुप , सभोसद हो सकेगा | (२) समासद दो प्रकार के दोंगे | के. (क) (साधारण) चन्दां में देकर सभा की सहायता. तन मन से करे। ) (सहायक) वार्षिक चन्दा कमसें कम १1|) रपये घार्षिक पेशगी दें. मच्च्ी- | जैन संगठन सभा, देहली ।




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