राजस्थान के जैन शास्त्र भण्डारों की ग्रन्थ - सूची भाग - 5 | Rajsthan Ke Jain Shastr Bhandaron Ki Granth - Suchi Bhag - 5

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
51 MB
कुल पष्ठ :
1448
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)इस अवसर पर स्व० गुरुवर्यय प० चैनसुखदास जो सा» न्यायतीर्थ के चरणों में सादर श्रद्धान्जसि
झपित है जिनकी सतत प्रेरणा से ही राजस्थान के इन शास्त्र मण्डारों की ग्र थ सूची का कार्य किया जा सका ।
हम हमारे सहयोगी स्व० सुगनबन्द जी जेन की सेवाग्रों को भी नहीं मुसा सकते जिन्होंने हमारे साथ रह कर.
शास्त्र भण्डारों की प्र थ सूची बनाने में हमे पुरा सहयोग दिया था । उनके झाकस्मिक स्वंवास से साहित्यिक कार्यों
में हमें काफी क्षति पहुंची है । हम उदीयमांन शोधार्थी श्री प्रेमच द राबका के मी प्रामारी हैं जिन्होंने ग्रंथ सूची
की भनुक्रमर्िकार्ये तैयार करने मे पूरा सहयोग दिया है ।हिन्दी के मूद्धन्य विद्वादु ढा० हुजारी प्रसाद जी द्विवेदी के हम म्रत्यघिक प्ाभारी हैं. जिन्होंने हमारे
निवेदन पर प्र थ सूची पर पुरोवाक् लिखने की महती कृपा को है । जन साहित्य की शोर पघ्रापकी विशेष रुचि रही है
झौर हुमें प्राशा है कि प्रापकी प्रेरणा से हिन्दी के इतिदास में जैन विद्वानों को कृतियों को उचित स्थान प्राप्तहोगा ।राष्ट्रसत मुनिम्रबर श्री विद्यान दजी महाराज का हम किन शब्दों में प्रभार प्रकट करें । मुनि थी के
झाशीर्वाद हो हमारी साहित्यिक साघना का सबल है ।१-१-3२ कस्तुरचन्द कासलीवाल
प्रनूपसन्द न्यायतीथ
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