गाँधी साहित्य सूचि | Gandhi Sahitya Suchi

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Gandhi Sahitya Suchi by पांडुरंग गणेश देशपांडे - Pandurang Ganesh Deshpande

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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हिन्दी पुस्तकें गांधी-घरित्र अग्रवाक, रुद्चारायण. और व्यास, दीनानाथ - टॉठस्टॉय और गांघी (संतारके दो मद्दापुरुषोकी तुलनात्मक गालेचना ) दिल्‍लो, साहित्य मण्डल, रु, र-८न०, देन०-०; . देपरेप, ए. ८+ रे८१, वि अरोढा, नारायणप्रसाद - मेरे. गुरुलन- कानपुर, भीप्म मेंण्ड बदसे, रु. १-०-०, १९४०, पृ. १२८. दिं मिसमें दिये इमे कुल १० भारतीय महापुरुषों के चरित्रोमें गांधीजीका चरित्र ए. ११९ से १९८ तक है । सु्पाध्याय, दरिभाओू गौर वार्प्णेय, चन्द्रयुप - विश्वकी विभूतियाँ. प्रयाग, हिन्दी मन्दिर, रु... श-८-०५ १९४७, पृ, ४+ १४५. दि जिसमें कुछ १६ चरित्र हैं। गांधीजीका चरित्र पृ. १ से ८ तक | कन्द्रेयाठाक, बादू- सव्याग्रही सहात्सा गांधी. पटना खरेठदाछ, दासोदरदास - बापूकी बात. चिरगांव (झांसी ), साह्त्य सदन, रु शन-०-०, सं. १००४ पृ. ४+ ०९५६ दि गांधी, प्रसुदास छ. - सहात्सा गांधी क्या हैं? क्या कहते हैं? क्या चाहते हैं ? आपफापुर (वदायू ), गांधी सवा सदन आधा लाना, 2५३७, एऐृ गांधी, मोहनदास क. ( अनु. भुपाध्यय )- आत्सकधा खण्ड १, २. अजमेर रस्ता साटित ० छि न, ९ सं. लव खण्ड मु - पृ. श्दे १०२८, दरिभायू + ३; खण्ड २- रु. शै-इन० है सा. १९२८, पृ. ६+ ५०५, वि दोनों खण्ड भेक जिल्दमें रु. १०१२३-०, ७ भा. २९४६, ए. १६+५७७। दिल्‍लीसे प्रकाशित । जिसका दूसरा नाम “ सत्यके प्रयोग मथवा आत्मकथा ? भी है । . - भारतके प्राण महात्मा गांघीकी जीवन- कथा ( भात्मकथाका संपूर्ण सारांश ). निलाद्दावाद, राममोहनलाल, १२ भाने, १९३१, पू. ८ + २२० ( गुटका ). वि - सेरा जीवन, देखो विभाग २ - मेरे जेकके अनुभब, कानपुर, १९३९ - (सं. मद्दादेव देसाभी भौर इरिभायू झुपाध्याय) “ संश्िष आत्मकथा [ महात्मा गांवीकी आत्मकथाका संक्षिप्त विवरण ]. दिल्‍्डो, सस्ता साहित्य, ८ झाने, १ : आ. १९३९, पृ. ८ + २४८, थि -सव्यके प्रयोग अथवा आत्मकथा. देखो अपर * आत्मकथा.” गांधी साहित्य संग्रह ( प्र. )- गांधीजीके 'फोटोग्राफ (आव्वम ). सावरमती, माँ, सा. संग्रह, रु. १४०-०-०, मर्यादिंत भावृत्ति युप्त, सियारामधरण - ब्वापू (काव्य), चिरगांव (झांसी ); साहित्य सदन, ८ गाने, २ भा, १९३९, पृ. ८ न ७९: वि सोयल, हुनुमानग्रसाद - संसारके चुने हे रत्त, वनारस सिटी, भागव पुस्तकालय, सु. स-दन०, रै५३८, पृ, ८ न ४०८ चिपादो, कमकापति शास्त्री > घाएू और भारत [गांधीका व्यवित्तत्वद्दीन गौर सारत-




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