राजस्थानी लोक गाथा कोष | Rajasthani Lok Gatha Kosh
श्रेणी : इतिहास / History, भारत / India

[adinserter block="2"]
Add Infomation About. Dr. Krishanbihari Sahal
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4.02 MB
कुल पष्ठ :
213
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about डॉ. कृष्णबिहारी सहल - Dr. Krishanbihari Sahal
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)8. राजस्यानी लोव गाया कोप राजस्थानी लोक याधाश्रो फा तुलनात्मक परिचय लोक गाथा का लोक गाथा वा कथयानक का रचना कान गायकों की... वाद यत्र जिनका... गाये जाने नाम ग्रवार श्राधार जाति गाते समय प्रयाग. वाने क्षत्र होता है । 1 बगड़ायत बीर क्चात्मक . एतिहोमिर से 1300 देव नारायण बीन जोधपुर किटपना वा योग के लगभग के भाषे 2 पायूजी वीर वयात्मक . ऐतिहासिवज- य॒ 1400 पावूजी के भाप सारगी जसलमर जयपुर काल्पनिव के जगमग दा या तीन . रावण शेसावाटी हत्था 3 गोगाजी वीर क्थात्मक .. ऐतिहासिय | श्रचात गोगाजी के मोपे ढाल राज के सभी काल्पनिक सामूहिक रुप से वचेला प्रदेशों में ड्रू हरियाणा तथा उप्र मेरी 4 तजानी वीर कथात्मव ऐतिहासिक ज- प्रभात भाषे सामूहिक. भ्रलगोजा. समस्त वात्पनिव तथा एक यक्ति धाली राजस्थान में द्वारा ढोत सारगी हारमोनियम 5 डू गजी जुवारजी बोर क्यात्मक .. एतिहासिव श्रपात भोषा सारगी समस्त राजस्थान बास्पनिवा 6 गेला पेंग वीर कथात्मक ऐतिहासिक श्रवात जोगी इकतारा . वागड प्रदेश
User Reviews
No Reviews | Add Yours...