अन्तिम - साध | Antim Sadh

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
110
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand) डे
. माया, मेले में चलोगी' प्रभा ने कहा |
कहां मेला है ! सखी 1
प्योरी गाँव से उत्तर, उसी देवी के घाम पर 1
'केसे मालूम ?'
परी माँ कह रही थी ।”
*वलू गी 1
कपड़े पहन कर मेरे घर पर श्राना सब एकसाथ ही ' चलेंगी ।
देखना कहीं भूलना मत ।
गयच्छा ।
“जरा कमला सखी से- भी कह देना भूलना नहीं, शायद हमें
मौका ने मिले ।'
तुम सब कया मंसूबे बांध रही हो ?” ग्वाला रामदीस ने पूछा ।
'चल-तू जानकर कया करेगा | इतना कहती हुई सब खिल खिला .कर
हँस -पढ़ीं । लज्जित होकर रामदीन चला गया।
'अम्सा ? 'झम्सा, डुमकियां भरती हुई म्रभा ने कहा ।
कया दे बच्ची !
मेला; देखने जाइँगी । गांब्र की सभी -ज्वक्ियां का रही हैं ।
कोन,कौन ?
,... साया, मिर्नो खौर छसका;!
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