हिन्दी साहित्य के स्रोतों के आधार पर अट्ठारहवी शताब्दी का समाज चित्रण | Hindi Saahitya Ke Sroton Ke Aadhaar Par Atthaarviin Shataabdi Ka Samaj Chitran

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
45 MB
कुल पष्ठ :
440
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)हत्या कर दौ अर उसका सामान लट लिया गया । इधर अब्दुल्लाखाँपैयूयद राजधानो से ट्रर एक छाइयंत्र रच रहा था । वह मुहम्मदाह को हटाकर
द्रसरा मुगल सम्राट बनाना चाहता था इस ध्येय से उसने रफोउरशान के पुत्र
इल्लाहोम को सम़ाट बनाया तथा स्वयं सैन्य प्रबन्ध में लग गया। यह समाचार
पाते हो मुहम्मदशाह अब्दुल्लाखों का सामना करने के लिए सिकला अब्दल्लाखों
को बंदी बनाया गया और 1725 ई0 में उसको म॒त्यु हो गयो. । इस प्रकार
मुगल राजनीति से तैयूयद बंधुशों के फ़्भावपर्ण युग का अन्त हुआ । मुहम्मदअमोन खा वजोर बना किन्तु दो माह में ही उसको प्र॒त्यु हो गयो उसकेपश्चात निजामुत्मुल्क को वजौर नियुक्त किया गया । निरपराध सुल्तानइब्ला हीमखां मे जंगल को शरण लो लेकिन उसको पकड़कर बदो बना लिया. गया
और उसे बादशाह के सामने लाथा गया। जिस रात को वह दरबार में आया
तो मुहम्मदशाह ने उसका आलिंगन किया और पूष्ठा “तुम कैसे अये. 9 शाहनादें
ने कहा जिस रास्ते आप हैं । स्ाट ने पृष्ठा तुमको कौन लाया 9 उत्तर मिला,
वही व्यप्क्तिजो आपको लाया है 1' सम्राट ने इसके प्रति उदारता दिखाई
उसने जो कछ किया वह विवश हेकर किया था इसलिए उसको शाहो क्षमा प्रदान
कर दो गयो । इब्राहोम को निवाह के लिए ५0 रु0 प्रतिदिन मंजर किये गये
भर उसको शाहजहाँनाबाद के फिलि में कैद कर दिया गया जहाँ उ0 जनवरों| 7५6 को लगमग 50 वर्ष को आयु में उसको म॒त्यु हो गयी 1“लिन सिवननननिलु न वलिवलन नमक कक की हे की ही वि वि वि वि विवि व व व व व|-.. इसका अभिप्राय यह है कि दोनों को अब्दुललाखाँ ने सिंहासनपर हैठाया था |
2-.. इरचिन , द लेटर मुगल्स, 2पु0 97
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