उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान | Uttarpradesh Ke Audyogik Vikas Men Sarvajanik Kshetra Ka Yogadan
श्रेणी : अर्थशास्त्र / Economics

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
58 MB
कुल पष्ठ :
256
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)आधुनिक स्थिति की सूचनाएँ प्राप्त हुई हैं उन्हें भी यथाशक्ति स्पष्ट किया गया है, ये उद्योग
हैं-उत्तर प्रदेश ब्रास वेअर कार्पोरेशन, मुरादाबाद |हक #ाद
भेद
नष््ि
चउत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड, लखनऊ |दि इण्डियन टरपेन्टाइन एण्ड रोजिन कम्पनी लिमिटेड, बरेली |पद्ठोउत्तर प्रदेश चलचित्र निगम, लखनऊ |'जाउत्तर प्रदेश रज्य हथकरघा निगम लिमिटेड, कानपुर |
उत्तर प्रदेश चर्म विकास एवं विपणन निगम, आगरा |उत्तर प्रदेश राज्य खनिज विकास निगम, लखनऊ |्च्वसी रटपःउत्तर प्रदेश डेवलपमेन्ट सिस्टम कार्पोरेशन लिमिटेड, लखनऊ |प्ठोकी
(5
चना चना चना च््ाी के न नी कजन्ाीअन्य स्थापित प्रमुख लोकोपक्रम |शोध प्रबन्ध के सप्तम अध्यायान्तर्गत प्रदेश की दो प्रमुख लोकोपयोगी सेवाओं
(1) उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद, लखनऊ तथा (2) उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन
निगम, लखनऊ की हानिप्रद स्थिति को पूर्तया उसके आधुनिकतम कारणों सहित दर्शाया
गया है। वस्तुतः यह दो अवस्थापना सम्बन्धी अनिवार्य सेवाएँ ऐसी विषम स्थिति में हैं जिससे
प्रदेश के लोकोपक्रमों की सम्पूर्ण स्थिति को ही एक अति असंतोषजनकहीन हो वरन् लज्जात्मक
स्थिति में लाकर रख दिया है। इस स्थिति से उबरने हेतु सारगर्भित सुझाव भी अध्याय में
ही प्रस्तुत किये जायेंगे।शोध प्रबन्ध के अन्तिम अष्टम् अध्याय में प्रदेश के समस्त लोकोपक्रमों के
द्वारा प्रदेश में औद्योगीकरण का वातावरण तैयार करने में जहाँ तक सफलता मिल पाई
इस हेतु एक समग्र, समेकित विस्तृत सारणी प्रस्तुत की गई है। जो प्रदेश के लोकोपक्रम
की सम्पूर्णनुसार वस्तु स्थिति की एक तस्वीर प्रस्तुत करती है तथा अति विषम आशा के.
विपरीत हानिप्रद स्थिति को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त विभिन्न लोॉकोपक्रमों व लोकोपयोगी
_ सेवाओं की सफलताओं और विफलताओं का भी लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। इसके सके
अतिरिक्त नये-नये औद्योगिक क्षेत्रैंचलों में अभिनव उद्योग कहाँ-कहाँ लगाये जा रहे हैं
उद्योग शून्य जनपदों की प्रगति क्या है, इसकी भी विवेचना प्रस्तुत की गई है।(9).
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