बृहत कल्प सूत्रम भाग 4 | brihat Kalpa Sutra Bhag 4

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
21 MB
कुल पष्ठ :
450
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)॥ अहम ॥
फ्रासंगिक निषेदन
नियुक्ति-भाष्य-बृत्तिसहित बृहत्कल्पसूत्रना आ अगाउ अमे त्रण विभाग प्रसिद्ध करी
चूक्या छीए । आजे एनो चतुर्थ विभाग प्रसिद्ध करवामों आवे छे । पदेला त्रण विभागमां
पहेढो उद्देद समाप्त थयो छे अने आ विभागमां बीजो-श्रीजों डद्देश पूर्ण थाय छे । आ
विभागनी समाप्ति साथे नियुक्ति-भाष्य-दृत्तिसहित बरदत्करपसूत्रनी मनाती ४९६ ० ० श्ोक-
संख्या पेकी ३३८९५ श्दोक सुधीनों अंश समाप्त थाय छे। आ प्रमाण अमे
अमारी नॉध : अनुसार जणावीए छीए । नियुक्ति-भाष्य-बृत्तियुक्त शदत्कल्पसूत्रनी जुदी
जुदी प्रतोमां प्रन्थाप्रं०नी नॉंधघ अति अस्तव्यस्त होई एने आधारे विवेक करी आपेली
अमारी प्रन्थप्रमाणनी संख्या सर्चथा वास्तविक दोवामादे अभे भार मूकता नथी ते छतां
असे एटलुं भारपूर्वक कद्दीए छीए के भमे भन्थामं०नी नोंघ आपवा माटे अतिघणी
काठजी अने चोकसाई राखेली छे ।
पहेछां प्रसिद्ध करवामां आवेठा श्रण विभागना संशोधनमां जे जे इसलिखित प्रतिओनों
उपयोग करवामां आव्यो छे ते बर्धीओनों परिचय जमे ते ते विभागना “प्रासंगिक
निवेदन” बगेरेमां आाप्यो छे । प्रस्तुत चतुर्थ विभागना संशोधनमा, छूतीय विभागना
“प्रासद्लिक निवेदन” मां जगावेल द्वितीयखंडनी सात प्रतिभो उपरांत तेज भंडारमांनी
त० प्रति सिवायनी दृतीयखंडनी छ प्रतिओनों पण अमे उपयोग कर्यों छे; जेमनो परिचय
आ नीचे आपवासां आवे छे ।
लतीयखंडनी प्रतिओ
१-२ हे० प्रति अने कां प्रति--आ बन्नेय प्रतिओनो परिचय आ पढें
प्रकाशित थइ चूकेढा विभागोमां संपूर्णणणे अपाइ गयेठ दोवाथी आने अंगे अमारे
अहीं कुं ज कहदेवानुं रदेतुं नथी ।
रे भा० प्रति--आ प्रति पाटण-भामाना पाडामांना विभछना ज्ञानभंडारनी छे ।
एनां पानां ९९९ छे । दरेक पानामां पूठीदीठ १८-१९ छीटीओ रूखेली छे भने
द्रेक लीटीमां ४० थी ४७ अक्षरों छे । प्रतिनी उंबाई ११ इंचनी अने पहोलाई ४॥
इंचनी छे । प्रतिना अंतमां नीचे प्रमाणेनी, प्रस्तुत प्रति जेना उपरथी ठखाई छे सेना
रानी तेस ज प्रस्तुत प्रतिना लखनार-उखावनारनी पुष्पिका छे--
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