ग्रामीण हिंदी | Grameen Hindi

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : ग्रामीण हिंदी  - Grameen Hindi
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about धीरेन्द्र वर्मा - Dheerendra Verma

Add Infomation AboutDheerendra Verma

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
अर काकरथपारतासगररामसािाविनिलधिकाम्तादकणणाणारकिासकालिए) तपिए मर लिन अल... कि ० अ दी कि पार 2 स्िपिपाएए: साथ पकपससपासकशाद तरस मरसकमसपसंए 1 क गन फ क कं दी रद, 2 ............ आमीण हिन्दीसंख्या ३ेप लाख के लगभग हो जाती हे जा स्तिटज़रलंड को जन. संख्या से टक्कर लेने लगती है। छत्तीसगढ़ी में पुराना साहित्य बिल्कुल... भी नहीं है। कुछ नई बाज़ारू किताबें अवश्य छुपी हैं; दर बिहारी उपसाषा रीह बिद्दारी उपभाषा के अन्तयत तीन ग्रामीण बोलियाँ मानी जातीहूँ--भाजपुरी, मैथिली तथा मगही.......... बिहार के शाहाबाद जिले में भोजपुर एक छोटा सा कस्बा और.. षगना है । भोजपुरी बोली का नाम इसी स्थान से पड़ा है यद्यपि यह का मोजदरों: फू दूर तक बोली जाती है । भोजपुरी .बनारस,।।ः मेज़ापुर, जोनपुर, गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर, ... बस्ती, आजमगढ़, शाहाबाद, चम्पारन, सारन तथा छोटा नागपुर तक ... फैली पड़ी है। भोजपुरी बोलने वालों की संख्या पूरे २ करोड़ के ! गभग है । भोजपुरी में साहित्य विशेष नहीं है। संस्कृत का केन्द्र ... होने के अतिरिक्त काशी हिन्दी का भी प्राचीन केन्द्र रहा है किन्ठु/1जपुरी बोली से घिरे रहने पर भी इस बोली का प्रयोग साहित्य से कम! । . भी विशेष नहीं किया गया । काशी में रहते हुए भी. कविगण प्राचीन | हक काल सम जज तथा झ्वघी में और श्राघुनिक काल में आधुनिक साहि-. ... त्विक दी के खड़ीबाली हिन्दी में लिखते रहें हैं। भाषा सम्बन्धी कुछ साम्यों ..दा बोली. बिहार प्रान्त से सगा के उत्तर से दभगा ... आसपास बाली जाती हैं । इसम लिखा कुछ प्राचीन साहित्य भी उप-7 प्‌ हि लब्घ है। मेथिली कवियों में विद्यापति का नाम उनके पदों के कारण सबसे अधिक प्रसि




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now