श्री धन्यवाद् | shri dhanyawad

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
shri dhanyawad  by खेमराज श्री कृष्णदास - Khemraj Shri Krishnadas

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about खेमराज श्री कृष्णदास - Khemraj Shri Krishnadas

Add Infomation AboutKhemraj Shri Krishnadas

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
ः भूमिका. ११ यापान्यपि च यः कु्याददन्यदनि सानवः ॥ पठत्येकमपि झेके स पापात्परिमुच्यते ॥ १३ ॥ अइ्वमेघसहस्रस्य वाजपेयशतस्यच ॥ लभते श्रवणादिवाध्यायस्थेकस्य मानवः ॥ १४ ॥ हेमभारं कुरुसेंचे अस्ते भानो प्रयच्छति ॥ यश्व रामायण ठोके “इणोति सम एवं सः ॥ १८, ॥। सम्यक अद्धासमायुक्तों ठभते राघवीं कथा ॥ स्वेपापात्प्मुच्येत विष्णुठोकं स गच्छति ॥ १६ ॥ ” अथोत्त-“पूरवेकाउंगे महािं चाल्मीकिजीने इस महाकाव्यकों बनायाहै, यह धर्मका उत्पन्न करनेवाला, आयु बढानेवाला, यश देंनेवाला, और राजाओंको जयदायकहे जो मनुष्य रामायण श्रवण करतेहें, वह पापसें छूटजातिंहिं । पुत्र और घनके चाहनेवाले मनुष्य, इसको भ्रवणकर पुत्र और धन पातिहें । राजा राम चेद्रजीके राज्यकी कथा श्रवण करनेंसे, प्रथ्वीकों जय विजय, और शत्रुको झप कर सकतेहूँ । अक्तिष्टकर्मा रामचंदजीकी कथा श्रवण करे तो छोकमें दीवाँयु भाप करताहे । जो मनुष्य क्रोषको जीवकर श्रद्धासे वाल्मीकिकरत रामायण सुने बह कठिन संकटोंसे उत्तीण होजाय । जो रामायण श्रवण करतेहें, बह श्रीरा- म्च॑दजीसि मनोवांछित फल पांति हैं । रामायणक्रे भवणसे राजा पथ्वीजय, और परदेशी मंगठ छान करवेंहें। रजस्वठा खी इसके श्रवण करनेसे पुत्र मसव करवी डै। रामायणकी पूजा या पाठ क्ररनेसे मनुष्य सब पार्पोसि छूटकर बडी आयु पांते हैं। जो समस्त रामायण पाठ या श्रवण करतेहें, भगवान्‌ सनातन रामचैंदर उनपर मसझ होजातिहिं। जो अक्तिपूर्क क्षिकी चनाई यह संहिता लिखंदेहें, उनका 'स्वर्गरें वास होताहै। यह उपार्पान आयुका बढनिवाला, सौभाग्यजनक और पापनाशक है । श्राच्षकाठंने पंडितके मुखसे वेददुल्य यह रामायण अंथ सुर्गे जो मनुष्य इसका एक चरण शी पढें, वह अपुत्र हॉनेसे पुत्रवान निर्धन होनेसे थनवात, और पापी होंेंसे पुण्यवान होजाताहे। जो मनुष्प दिन रात पाप करता है, -वहन्नी यदि ध्यानघरके इसका एक छोक॑ पढलढे तो सब पाप ताप विछापसे छूटजाय । अश्वभेथ वाजपेय यज्ञ करनेंसे जो फू मिठवाहे, रामायंणके एक अध्याय पढ़रनेंसे उसी फठकी माषि होती है । अहणके समय कुरु-




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now