चन्द्र मणि महास्थवीर का जीवन परिचय | Chandra Mani Mahasthveer Ka Jeewan Parichay
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
22
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)पंचसोल
श्रोकास द्वारत्तयेन कतं सब्ब अपराध खमथ मे भन्ते |
श्रोकास द्वारत्तयेन कतं सब्बं अपराध खमथ में भन्ते ।
प्रोकास द्वारत्तयेन कतं सब्बं श्रपराघं खमथ मे मनते ।
अ्रहं भन्ते, तिसरणेन सह पश्चसीलं घम्मं याचासि
अ्रनुग्गहूं कत्वा सील देथ में मन्ते ।
दुतियस्पि श्रहूं भन्ते तिसरणेन सह पश्चसोलं
घम्म॑ याचामि अ्नुग्गहं कत्वा सील देथ मे भन्ते ।
ततिथस्पि. श्रहं॑. मन्ते, तिसररेन सह पथ्चसीलं
घम्म॑ं याचामि भ्रवुर्गडूं कत्वा सील देख में भत्ते ।
प्राम मन्ते
नमो तस्य भ्रगवतों झरहतों सम्मा सम्बुद्धस्य ।
नमो तस्य भमगवतों अ्ररहतों सम्मा सम्बुद्धस्य !
नमो तस्य मगवतों श्ररहतों सम्मा सस्वुद्धस्य ।
बुद्ध सरणं गच्छामि
घम्म॑ं सरणं गच्छामि
संघ सरणं गच्छामि
दुतियम्पि बुद्ध सरणं गच्छामि
दुतियम्पि घम्म॑ं सरण गच्छासि
दुतियम्पि संघ सरणं गच्छामि
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