मनोरंजन पुस्तकमाला | Manoranjan Pustakmala
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
326
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)“महर्षि -सुकरांत ।पहला अध्याय ।
खुकरात के समय में यूनान की अवस्था |हर्षि सुकरात की जीवनी -वणन करने के पहले उसके
हि देश की त्तत्काछीन अवस्था का कुछ दिग्दशन् फरा दूना, उपयुक्त होगा! सुझरात ने जिस समय जन्म प्रद्ण किया
_ था उन. दिनों यूनान में प्रजातंत्र राज्य का चढ़ता जमानाथा | थोड़े दी दिन इए थे कि यदद अत्याचारी शासकों के पंजे
से छूट चुका था और स्वभावत: इन दिलों लोगों की
स्कूर्ति सब: बातों की ओर हो रद्दी थी।. आधुनिक भारत-चपे की तरह वहाँ भी उन दिनों साना प्रकार के देव देवी माने
“जाति थे और पंड़े पुजेरियों का जमाना था । भ्त्यु के पश्चातणी कहाँ जाता दे ? सष्टि क्रिस प्रकार से हुइ और कैसे .नाश होगी ? आत्मा और परमारमा कया हैं र--इन गूद बच्चोंके प्रइनों का समाधान सब छोग लोकमत के अधघार पर, संवे-_'साधारण की रुचि देख कर करते थे । लोगों की रुचि स्वाभा- '
चिक हो कषणिक वर्तमान ईंद्रियन्सुख की ओर दोती है. और वे.
ही पंडित या 'पंड़े पुजरी अपना ' काम साध लेते हैं. जो 'सर्च- _. 'दर
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