मनोरंजन पुस्तकमाला | Manoranjan Pustakmala

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : मनोरंजन पुस्तकमाला  - Manoranjan Pustakmala
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about श्यामसुन्दरदास - Shyaam Sundardas

Add Infomation AboutShyaam Sundardas

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
“महर्षि -सुकरांत ।पहला अध्याय । खुकरात के समय में यूनान की अवस्था |हर्षि सुकरात की जीवनी -वणन करने के पहले उसके हि देश की त्तत्काछीन अवस्था का कुछ दिग्दशन्‌ फरा दूना, उपयुक्त होगा! सुझरात ने जिस समय जन्म प्रद्ण किया _ था उन. दिनों यूनान में प्रजातंत्र राज्य का चढ़ता जमानाथा | थोड़े दी दिन इए थे कि यदद अत्याचारी शासकों के पंजे से छूट चुका था और स्वभावत: इन दिलों लोगों की स्कूर्ति सब: बातों की ओर हो रद्दी थी।. आधुनिक भारत-चपे की तरह वहाँ भी उन दिनों साना प्रकार के देव देवी माने “जाति थे और पंड़े पुजेरियों का जमाना था । भ्त्यु के पश्चातणी कहाँ जाता दे ? सष्टि क्रिस प्रकार से हुइ और कैसे .नाश होगी ? आत्मा और परमारमा कया हैं र--इन गूद बच्चोंके प्रइनों का समाधान सब छोग लोकमत के अधघार पर, संवे-_'साधारण की रुचि देख कर करते थे । लोगों की रुचि स्वाभा- ' चिक हो कषणिक वर्तमान ईंद्रियन्सुख की ओर दोती है. और वे. ही पंडित या 'पंड़े पुजरी अपना ' काम साध लेते हैं. जो 'सर्च- _. 'दर




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now