प्रतीक नाटकों का उदभव और विकास एक अध्ययन | Pratik Natakon Ka Udbhav Aur Vikas Ek Adhyayan

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : प्रतीक नाटकों का उदभव और विकास एक अध्ययन  - Pratik Natakon Ka Udbhav Aur Vikas Ek Adhyayan
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about ओंकारनाथ पाण्डेय - Onkarnath Pandey

Add Infomation AboutOnkarnath Pandey

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
अति में नमस्कार द्वारा राजा (वैश्वानर अत) की उसके अतुगासियाँ सहित पुज्ज्वलित करता ई जिस ऑग्नि का' प्रतीक (रूप) थी से सना' इुआ है | रुक भिन्न स्थत पर * वि सातुना' पृथिवी सम्र उवी पृथु प्रतीकमध्यैथे आसन: ** आया है जिसका' तात्पर्य यह है कि “पृथ्वी कै विस्तृत अहुण्गों कै ऊपर आन प्रज्ज्वलित हँती है । इस स्थल पर प्रतीक शब्द का अर्थ प्र है । इसी पील्ति का' भाष्य करते हुए सायएापचार्य ने लिखा है --. तथारिन: पृ विस्तीएा प्रतीक पुथिव्या अवयवमु |इसी प्रकार तदुभिन्‍न कई स्थलों पर कृमश: झुषरे, शरीरर रूप आदि थर्थी मैं थी प्रतीक शब्द ऋग्वेद मैं प्रयुक्त हुआ है ।ब्ाह्मण न्थॉपिंप्रतीक कर प्रयोगसािता' कै बाद ब्राह्मण ग़न्थीं मैं भी प्रतीक शब्द का' प्रयोग कई स्थल पर हुमा है - शांख्यायन ब्राह्मण मैं रक स्थल पर प्रतीक * शब्द संकेत” या चौतक अर्थ मैं प्रयुक्त हुआ है-- 'विभाक्तिभि: प्रयाजाकुथाजा न्यजत्यर्तवी वे « प्रयाजातुयाजा' ऋतुम्य रे न॑ तत्समाहरत्यग्र आयाएिद वीतवैे हम दूर्त वुएरी महा रनना $रन: समिध्यते पस्न्वुनाणिग जड०्घनदर्ते! स्तौर्म मनामहै ग्रायो मत्याँ दुव, इत्वैता सामु्चाँ प्रतीकानि, ,.,...... **. इस स्थल पर प्रयुक्त प्रतीक शब्द ऋवाओँ कै प्रतीक अथाति संकेत या' चाौतक के रुप मैं प्रयुक्त हुआ हैं । इसी ब्राह्मण में एक अन्य स्थल पर भी इसी अर्थ मैं प्रतीक शब्द का' प्रयौग हुआ है ।7 ऋग्वेद सकता उढउदाइाएएएएएएएएएएएपदपपकलननललनननानना१, कंग्वैद साँहिता' - ७1३51 श, ऋग्वैद - १०।८८। १६ 'यावन्मार् उणसी न प्रतीक, सुपएयाँ ३ वसतै माता रृश्व: अत जब तक वायु उथथा' के सुख की नहीं ढक लैता” वहां सुब अर्थ मैं ।₹ ऋग्वैद -स आइती विरौचते सनी कैन्यी गिरा स्रुवा' प्रतीकमज्यते “ ११। ११८। शरीर बर्थ मैं ।४; दग्वैद - १० ११८1८४: शाँख्यायन ब्राह्णण' “ १1४हूं. वहीं, ७1४




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now