मुगलों के अधीन काबुल का सूबा | The Subah of Kabul Under The Great Mugal

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : मुगलों के अधीन काबुल का सूबा  - The Subah of Kabul Under The Great Mugal
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about आलोक कुमार -Alok Kumar

Add Infomation AboutAlok Kumar

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
यहाँ मच्छरों की अधिकता थी जिससे इस मैदान पर बँधने वाले घोड़ों को. बहुत कष्ट होता था। काबुल से दो मील की दूरी पर पश्चिम की तरफ दुर्गन नामकमैदान था।“* पूर्व की तरफ सियाह संग नामक मैदान था। 22काबुल राज्य चौदह प्रदेशों में विभाजित था।ये प्रदेश तूमान कहे जाते थे।”* समरकन्द , बुखारा और इनके पड़ोसी स्थान इमान कहलाते थे। अन्दिजान, काशगरऔर उसके आसपास का क्षेत्र उरचीन कहा जाता था।काबुल के पूर्व में लमगानात था, उसमें पाँच तूमान और दो बुलूक थे।”* सबसे बड़ा तुमान नीन गनहार था। इस तूमान का हाकिम काबुल से पूर्वबयासी मील की दूरी पर स्थित अदीनापुर में रहता था। “० काबुल से नीन गनहारलिनिक कसम लक कलनन कनिकिन कि की वितरित सर पर सवा रा21... बाबरनामा, पू०-147 22... वही23... वहीं, पूछ०-149 24 . . वही, पूछ-15025. वही




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now