राजाकार पतन | Rajaakaar Patan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
10 MB
कुल पष्ठ :
85
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)तुतीव अध्याय
भौगोलिक हिंयति के आधार पर कुछ रियासतों को संघ श्रथवा प्रान्त
के रूप में निर्माण किया. गया है-जो निम्न प्रकार हैं ।
“टिदरी” तथा गढ़वाल” को छोड़ कर पूर्वी पंजाब की समस्त पहाबी
रियासतों को केन्द्रीय शासन के श्रन्तगत एक दिमांचन प्रदेश बना दिया
गया इस प्रदेश का चत्रफल ११,२५४ वगमील श्राय १० लाख हे |
सोराष्ट्र संघ
काठियावाढ़ की छोटी बढ़ी रिथासत तथा तालुक जिनकी संख्या
८६० थी, जन संख्या ४० लाख हे । श्राय ८ करोड़ थी यह सत्र मिल
कर सोराष्ट्र संघ के रूप में बदल गई |
मत्स्य संघ
१७ माच १९४८ को शलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली इन
रियासतों का मत्स्थ संघ बना | श्री घोलपुर नरेश राजप्रमुत्व बनाए. गए
श्र श्रलवर इसकी राजधानी बनी ।
विंध्य प्रान्त
बुन्देलखण्ड की ३४ रियासतों का २ आरप्रैल को बिन्थ्यप्रांत
बना दिया गया । क्ष त्रफल २४,५९८ वगमील आआवादी ३६ लाख हे |
इसके राज प्रमुख रीवां नरेश हैं ।
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