प्राचीन भारत में लक्ष्मी - प्रतिमा | Prachin Bharat Men Lakshmi - Pratima

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9 MB
कुल पष्ठ :
200
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१२] लक्ष्मी तथा लक्ष्मी प्रतिमा
प्राचीन एकता को लोग भूल नही । वात्सायन के कामसूत्र के समय तक कदाचित यक्ष रात्रि में जो कातिक शुक्ल
प्रतिपदा को मनाई जाती थी यक्षिणी के रूप में लक्ष्मी की पूजा होती थी' ।
ग्स प्रकार य तथ्य हमे इसी घारणा की श्र श्रग्रसर करते ह कि लक्ष्मी श्रनायों की देवी थी जो कालन्तर
म हमारे धम म भ्रा गयी श्रौर श्रा्यों को इन्ह श्रनारयों के सम्पक से श्रपनाना पडा । कभी इनको बरुण की स्त्री
माना कभी इंद्र की कभी कुबर की श्रौर भ्रन्त म श्राकर विष्ण की पत्नी--जिस रूप में झ्राज इनकी
पुजा होती है ।
१ सुभाव ज० रेलें-- दिवाल। था. दी एज --दी लीडर, इलहाबाद, अक्टूबर २०, १९६०,
पष्ठ १, कालस ७ ।
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