सूदखोर की मौत | Soodakhor Ki Maut

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
140
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)डू हसचमुच कसकर बांधे पगड़ी के पेच : को देखनेते मालूम होता
था, कि न जाने कितने समय में अपने गन्दे हाथों को पोछते हुए उसने
उसको तेल में भिगोकर बहुत गन्दा कर दिया हूँ 1 ःपणड़ी बढ़ाकर बेकार कपड़ा बबाद करनेसे क्यो फायदा (प्रश्ठ १९)मैंने सोचाः इजाम अच्छी तरह “जानता हैं, कि एक पंगड़ी . चाहे
कितनी ही बड़ी हो, सेकिंन बह खू'टीं को नहीं तोड़ सकती. ।' शायद उसने .
कोरी कों खू'टीपर पगड़ी रखने का मौका इसलिये नहीं दिया, कि उसकि
. जगने से उसके बहं रखे झपने कपड़े पर्दे हो. जाति । ीठुड
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