कवि विनोद ( हिंदी कवियों के अनूठे चुटकुले ) | Kavi Vinod ( Hindi Kaviyon Ke Anuthe Chutkule )

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Kavi Vinod by विशम्भर नाथ खावी

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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आर्थात्‌ हिन्दी ककियोंके अचूठे चुटकु्ते १--चन्द झोर एथ्वीराज । चन्द्‌ हिन्दी-भाषाकि आदि कवि माने जाते हैं ये सबदा सारतवचंके अन्तिम सम्नाट चोद्दान-कुछ-संभूत पृथ्वीराजद साथ रहा करते थे । दिलोश्वर पृथ्वीराजके जीवचनमरकी कहानियों का वर्णन इन्होंने अपने बनाये प्रथ्वीराज-रासरो में किया है । शहाबु- टीन मुदस्मद गोरीने संचत्‌ १२५० में धानेशवरकी ठड़ाईमें प्रथ्वी- राजकों पकड़ लिया और उनकी दोनों आंखें फोड़कर केद कर छिया उसी समय उनके परमप्रिय सामस्त करवियर लन्दवर- दाईकों भी कारायूहें भेज दिया | कहते हैं कि पृथ्वीराज शब्दभेदी बाण चलाना जानते थे | पक दिन शहाबुद्दीनका साई रयाखुद्दीन ज्योंदी उनके सामने आया त्योंद्दी चन्दूने पृथ्वोराजको सम्बोधन कर




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