अपने इसी शहर में | Apne Isi Shahar Me

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1.75 MB
कुल पष्ठ :
98
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)इन थलिया मे छिपा लिया ?
ऐसे हीहाथो मेपेट की थैलियाँ लटकाये
आँखों के गढों मेभयानक आक्रोश छिपाये
लाशों का जुलूसअभी अभीइघर से गुजर गया 1इस जुलूस नेपोस्टरो पर लिखा है-
शहर की सभ्यता को
चारों ओर से घेरेंगे,
आसमान पर अपनीपेट की आग बिखरेगे,
मनुष्यों के मुँह मेंहाथ डालआँतों को बाहर खीचेंगे ।''तब से हीआसमान तक तनी छतें
आपस में गलेमिलने लगी हैं ?
राजभवनों में कालीनों पर
जमी कुर्सियाँपास-पास खिसक कर
फुस-फुस करने लगी हैं ?
पता नहीं क्यों ?(१५)का पय
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