मजहरुल हक | Majahrul Haq

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Majahrul Haq by कयामुद्दीन अहमद - Kayamuddin Ahmed

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about कयामुद्दीन अहमद - Kayamuddin Ahmed

Add Infomation AboutKayamuddin Ahmed

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
6 मजहरल हुक में बहावियों का एक मशहूर परिव/र रहता था । पटना का वही नेता अहमदुर्ता, जिसपर 1865 में 'बिटिश साम्राज्य के विरुद् युद्ध छेड़ने के अपन राध में सहायता देने के कारण मुकदमा चलाया गया था और जिसे कालेपानी को सजा दी गयी थी, मूल रूप से मेहदावन का रहनेवंत्ला था । अंदमात में 16 वर्ष से अधिक समय सके कठोर कारावास को दंड भगत कर, 1881 में वह मर गया था । वह समाचार धीरे-धीरे चलता हुआ कभी घर भी पहुंचा होगा और उसने कदाचितें युवक हक के मत पर प्रभाव डाला होगा । इसको अधिरिकत, हुक के पितामह के एक भाई काजी फर्जनर्द अली ने, सारन जिले में, 1857 के दिद्वोह में भाग लिया था ं हक के नजदीकी पूर्वजों और उनकी सन्तान की संक्षिप्त 'बंगाकती' नीचे दी जा रही है 2 ६ के ही शेख नवाजिश अली शेय महमदुस्ता सकौतादुदूतिता थि मजहरुल हुक गफूरनूनिसा न भब्दुल हुक , 'रजियातुल फातमा + डा. सुयद महमूद हाय गोथिया बेगम किश्वेर जहां मुनीरा बेगम (वि. 1892 (वि. 1906, (विद 19170 मूं. 1902) मु 1912) कक ः निःसंतान ग | य निःस॑तान, .. * हुसन दुसैन गइस जानकारी के जिए हुन डाए यूसफ दुर्शीदी, प्राप्यापक, उर्दू विभाग, पटना विंयव- विएालय के बाजारों है 1 -




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now