मजहरुल हक | Majahrul Haq
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
142
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)6 मजहरल हुकमें बहावियों का एक मशहूर परिव/र रहता था । पटना का वही नेता
अहमदुर्ता, जिसपर 1865 में 'बिटिश साम्राज्य के विरुद् युद्ध छेड़ने के अपन
राध में सहायता देने के कारण मुकदमा चलाया गया था और जिसे कालेपानी
को सजा दी गयी थी, मूल रूप से मेहदावन का रहनेवंत्ला था । अंदमात
में 16 वर्ष से अधिक समय सके कठोर कारावास को दंड भगत कर,
1881 में वह मर गया था । वह समाचार धीरे-धीरे चलता हुआ कभी
घर भी पहुंचा होगा और उसने कदाचितें युवक हक के मत पर प्रभाव
डाला होगा । इसको अधिरिकत, हुक के पितामह के एक भाई काजी फर्जनर्द
अली ने, सारन जिले में, 1857 के दिद्वोह में भाग लिया था ंहक के नजदीकी पूर्वजों और उनकी सन्तान की संक्षिप्त 'बंगाकती'
नीचे दी जा रही है 2 ६ के हीशेख नवाजिश अली
शेय महमदुस्ता सकौतादुदूतिता थिमजहरुल हुक गफूरनूनिसा न भब्दुल हुक ,
'रजियातुल फातमा + डा. सुयद महमूदहायगोथिया बेगम किश्वेर जहां मुनीरा बेगम
(वि. 1892 (वि. 1906, (विद 19170
मूं. 1902) मु 1912) कक ः
निःसंतान ग | य निःस॑तान, .. *हुसन दुसैनगइस जानकारी के जिए हुन डाए यूसफ दुर्शीदी, प्राप्यापक, उर्दू विभाग, पटना विंयव-
विएालय के बाजारों है 1 -
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