संयुत्ता निकाय भाग - २ | Sanyutta Nikaya Bhag-ii

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Sanyutta Nikaya Bhag-ii by अज्ञात - Unknown

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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( हे ) नवाँ परिच्छेद्‌ ४१, अस्त संयुत्त पद्दला भाग... :.... पदला चर्म १. कांय सुत्त र. समय सुत्त ३, पित्तद्व सुस ४, सुइनता सुत्त ५, सतिपट्टान सुंत्त ६. सम्मप्पघान सुत्त ७, इद्धिपाद सुत्त ८. दन्द्रिय सुत्त ९, बछ सुत्त 9०. बोज्दख सुत्त ११, सगा सुत्त १. भसद्भुत सुत्त २. भन्त सुत्त ३. भनासथ सुत्त ४. सच्च सुत्त ५. पार सुत्त थ. निपुण सुस्त 9. सुदुइस सुन्त ८-३३, भजज्जर सुस्त १. खेमा थेरी सुत्त २. भनुराघ सुत्त ३. सारिपुत्त शेट्टित सुत्त ४, सारिपुत्तकोद्धित सुत्त ५. सारिपुत्तकोद्धित सुत्त ६. सारिपुत्तकोद्धित सुत्त १. मोग्गछान सुत्त 4८ घच्छ सुत्त निर्वाण गौर निर्वाणगामी सा समय-विद्शना समाधि समाधि स्सूतिप्रत्यान सम्पक्‌ प्रघान क्द्धिपाद इन्द्िय चर योश्यज्ञ जाये भष्टाब्रिक मार्ग ् जी दूसरा भाग द् दूसरा चर समथ अन्त भौर भन्तगामी मार्ग भनाश्रच और अनाधवगामी मार्ग सत्य और सत्यगामी मार्ग पार भोर पारगमी मार्ग निपुण धर निषुणगामी मार्ग सुदुर्दर्शयामी सारे अजजैरंगमी मार्ग दसवाँ परिच्देद ४२. अव्याकृत संयुत्त ढ सब्याकृत क्यों १ चार भव्याकृत अब्याकृत बताने का कारण नव्यक्त बताने का कारण भव्याकृत नभव्याकत झब्याकृत ब कोक चाखत नहीं ब ०० हे हू ०० हू ० ६०१ द०्9 द०१ द्न्१ घन ६०१ द्््न्व द्भ्4 धु०्२ ०४ 8०४ ६०४ धू०थ ० द्ण्भ द्ल्ण्‌ द््०्द इु०७ यु ०९ घु०९ ईू३० | ११ दर




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