मध्यकालीन हिन्दी कवयित्रियाँ | Madhyakalin Hindi Kavayitriyan
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
19 MB
कुल पष्ठ :
304
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषय प्रे श४का उल्लेख है । सन् १९०१ से १६२५ तक की प्रकाशित तथा उसके पश्चत् कौ
हस्तलिखित खोज रिपोर्यो मेँ जिन कवयित्रियों का उल्लेख भरिलता है, उनके नामयेहे:
साम
१. गंगा
२. सोन कुवरि
३. इन््रामती
४. शेख रंगरेचिन
४. प्रिया सखीः वस्त कुवि६. रसिक विहारी वनोठनी जी७. सहजो बाई८. सुन्दर कुंबर वाई
€. बिरंजी कुंवरिं१० यवृषभान कुंवरि
११. र्न कुबरि
१२. दीप करवरि
१३. पजन कुंवरि
१४, सेना योगिनी
१५. सुन्दर कली
१६. कृष्णावती
१७. दयावाई१८. सीरावाई१६. रंगाबाई२०. जीमन महाराज की मां
२१. घर्म कुवरि१
श्
द
४५
चष१६०६) ०४१९०९, ११, २३, २५क्रम संख्या३३३२६१६९२३; २५ परिशिष्ट १ पृष्ठ १६१६०६४ ०८१६०३
१९२०१ २२
१६०६, ०४
१९००
१९०१
१९२३५ २५
१६०४
१६०६१ ०८
१६०६ ११
१९०६, ०६१६.०६ १११६१२ १४१६२६, २८ हुस्तलिखित१६२९, ३१1१६९२३८८०ए.२०६
१६२
१७१` २२६
२६१ २०
६५२६पष्ठ ३५२
३५३
८२२०६
३१२सं० २३१र. राजपूताना में हस्तलिखित हिन्दी घन्थों की खोज--मंदी देवीप्रसाद
द्वारा प्रकाशित कराई हुई इस खोज रिपोर्ट में राजस्थान को कुछ प्रमख कवयि्धियों
का नाम भी उल्लिख़ित हूँ । इस सोज के श्राप पर उन्होंने मिलि मद वाणीः की
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