काव्य - सुधा | Kavya -sudha

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
188
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)रामचरित-मानस
वंदनान्सो ०-जो सुमिरत सिधि होड गननायक करिवर बदन |
करउ श्नुग्रह सोऽ बुद्धि रासि सुभ गुन सदन॥
मूक ॒ होड वाचाल पंगु चढ़ गिरिर गहन |,
जामु कृषं सो दया द्रवड सकल कलि मल दहन ॥
नील सरोरहस्याम तरुन शरून वारिज नयन |
करउ सो मभ उर घाम सदा हीर सागर सयन॥
कुद-इंदु सम 'ढेद उमा रमन करुना श्रयन।
नाहि दीन पर नेह करउ ठृंपा मर्दन मयन॥
चंद गुरु पद कंन कृपासिघु नररूप रि।
महामोह तम पुज जासु वचन रवि 'कर निकर ॥
सतीमोद-स८ ५२एक चार् त्रेता जुग माहीं । समु गर् कुमज रिषि पाष ॥
संग सनी जगजननि भवानी । पूजे रिषि अखिलेस्वर जानी 4
रामकथा बुनिवलं वखलानी । सुनी मेस परम सुखु मानी ॥
रिषि पक्की हरिमगति सुहाई । कही संमु अधिकारी पाई [|
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