मानव से भगवन बनो | Manav Se Bhagwan Bano

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1012 KB
कुल पष्ठ :
76
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
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चाहिये, जैस -
१. स्मृत्युनुपस्थापन--स्मरण नहीं राना, निन '
एकाग्रता का नहीं होना । में सामायिक करूं या नहीं *
ग्रथवा मैन सामायिक कीदै, प्रथवा नही, उस प्रकार
विकल्प करना । जव प्रचल प्रालम्य दोना नय यह् प्रति
का दोप लगता दै । मोक्ष मागमे जितने ग्रनुष्ठान दे, उः
स्मरण रखना सवसे पहिले मुख्य है । बिना स्मरण क क
क्रिया फलीभूत नहीं होती है ।
२. कायदु प्रणिघान -कायकी पापरूप प्रवत्ति को न
रोकना । हाथ-पर प्रादि शरीरके ग्रवयवोको नित्चलनं
रखना, श्रयवा पाप रूप ससारी क्रिया मे लगना 1
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