नटनागर विनोद | Natnagar Vinod

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : नटनागर विनोद  - Natnagar Vinod
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about कुँवर रत्न सिंह - Kunwar Ratna Singh

Add Infomation AboutKunwar Ratna Singh

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
नटनागरविनोद . २१ ९ “ =^ न ~ ३७ ७ केपि ५ . कर्त्त जमुनकिसंगनमकुंनकेविहंगन मेः व्रंदावनव्रंदनमेअंगएकन्हैरल्यो^मधवन्पंजनमेमधुकरगुंजनमेःमुग्धनकेमनमेअनोप ` ओषपदेरद्यो ॥ नटनागरअंगनमेंभवनडउमंगन `:रेगसबरेगनमेरंगरूपटेरल्यो ॥ तीजकीतरं `गनमेनवरुकेअंगनमेःसोसनीसरगनमेस्याकिमरंगछठेरत्थो ॥ ४५ ॥ हारउरडारवारवारकों सैँवांरकर:मारचक्रजेसी नथथारमे परीरही ॥ लकटीमकटपटपाटकोझटकपरो:केंडछकटकअँपअप्वेअरीरही ॥ सघरसंवारीसारीडार .दी बिहारीदेष:डरीनॉपरीनॉँचोकच क्रितपरीर ही ॥ नागरघरनदेषिघरनिविसरिगएःअध रधरनतेडधरनधरीरही ॥ ४६ ॥




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now