हिंदुई साहित्य का इतिहास | Hindui Sahity Ka Itihas

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutLakshmikant Varshney
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
54 MB
कुल पष्ठ :
572
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय - Lakshmikant Varshney
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)[ 6 |]
८. पेरिस का राजकीय पुस्तकालय
६. ईस्ट इंडिया हाउस का पुस्तकालय ( इंडिया ऑफ़िस
लाइब्रेरी )१०. मुहम्मद बख्श खाँ का पुस्तकालय११. टयबिन्गेन का पुस्तकालय१२. लीड का पुस्तकालय१३. रयत एशियाटिक सोसायटी कां पुस्तकालय१४. टीपू का संग्रह१४. फ़ोटे विलियम कॉलेज का पुस्तकालय१६. किंग्स कॉलेज ( केम्त्रिज ) का पुस्तकालय
हिन्दी साहित्य क विद्वानों ने इस समस्त सामग्री ओर संमहोसे
कहाँ तक लाभ उठाया है, यह विचारणीय हे>< >< ><आज से तीन वषे पूवं मैने तासी के ग्रन्थ से हिन्दुई-अंश का
अनुवाद करना प्रारम्भ कियाथा। धीरे-धीरे वह पूणं हुआ ।
अब एक सो चोदह् वष वाद हिन्दी साहित्य के इस ऐतिहासिक
महत्व से पूणं आदि इतिद्ास-अन्थ को विद्वानों के सामने रखते
हुए मुभे स्वाभाविक प्रसन्नता दहो रही हे।पुस्तक-प्रकाशन की स्वीकृति अर सुविधा के लिए मैं हिन्दु
स्तानी एकेडेमी के मंत्रीश्री डॉ० धीरेन्द्र जी वमा एम्० एर,
डी° लिट् ( पेरिस ) ओर श्री रामचन्द्र जी टण्डन, एम्० ०
एल०-एल० बी० का आमारी हूँ। अनुवाद करते समय तालिकाएं
तैयार करने तथा इसी प्रकार के अन्य कार्यो मेःश्रीमती राज वाष्णंय
बी० ए० ने जो सहायता पहुँचाई है वह भी किसी प्रकार कमःनहीं है.।
User Reviews
No Reviews | Add Yours...