ग्रीस और रोमके महापुरुष | Girish Aur Romke Mahapurush 

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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-. मीस ओर रोमक महापुरुष । ` १-थीसियस > सियस कई वातोंसें रोसुलुससे मिलता-जुलता था । दोनोकी उत्पत्ति ऐसे व्यक्तियोंसे हुई थी जो विवाह-सम्बन्धमे नदीं वेधे थे ! इनके वंश आदिका ट भी निश्चित पता नहीं चर्ता। इन कारणोँसे 28 ॐ साघारणतः लोग इन्हें देवताओंसे उत्पन्न मानते हूं । चारीरिक बलके ही अनुरूप इनसे मानसिक बल भी था । एकने रोमका निमाण किया, दूसरेने अधज़को बसाया-- ओर यही दोनों संसारके सवप्रसिद्ध दो बडे नगर हैं । खियोंके अपहरणका दोप दोनॉंपर आरोपित होता है; दोनों ही घरेलू आपत्तियों तथा. पाररंपरिक्र “* देपकेः. दिकार इष है ओर जीवनके अन्तिम दिनो दोनोंको ही अपने देग्राचासि्थोका करोध-भाजन वनना पड़ा ! थीसियस्की व॑ परंपरा इरेक्थिअस तथा एिकाके सवप्रथम निवा- सियोसे आरंभ होती है ।. उसकी माता. पेरोप्सके वंदा उत्पन्न इद थी: जो पेलॉपनेससंक' सभी. नरेशोंसे- शक्तिशाली माना जाता है । कारण यह ˆ बतखायां जाता. है कि उसके पास विशाल सम्पत्ति तो थी ही, उसने. अपनी लड़कियोंकी. दादी असिद्ध पुरुपोंके साथ करके अपने लड़कोंको भी आसः “~ पासके झघान राज्योंसें सर्वोच्च पदपर अतिष्टित करा. दिया. था.।. उसका एक लड़का पीथिअस ट्रोज़ीनियनाके एक छोटे नगरका शासक था। यहँ अपने: . कारुका सर्वप्रसिद्ध विद्वांदू और बड़ा इद्धिमान्‌ मचु्य समन्ना जातां था । निः इ न ^ अ. क




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