उपदेश रत्न माला | Updesh Ratnmala

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Book Image : उपदेश रत्न माला  - Updesh Ratnmala
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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रल भ्र्ञरमुधारउल्था शका 9००४ चिद्रीपती 4 त पटुना दक; दकद्स्तकारी १ ब आक्ञा-पाटन र न व्यायाम (कसरत) ... कत सुनना (मनन करना)... ' ५( समाचार-पत् )... ३स्थिरता ५... बन समयकाबाद्ूर ... ` नीरोगता . 4 , ` ,८` , श्रशुद्ध-भाजन-पान,.. दर भ्रसमय पर शरीर से काम लेना...सेवा सुध्रपा .. ... म रोगी की सेवा... ... क उत्सादं त, २ जात आत्मगीर्व क भः उदारता । 4पृष्ट ३६ ३०च हे ३ र ३३५ २५ डे # ३६ धद ४८ ४६ ५१ ५४„६० , ६५६9 ६६७४, . ७9८9




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