गेरू की लिपियाँ | Geru Ki Lipiyan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
126
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)गेरू की लिपियाँ
छन्द हुए होते
सम्वाद हुए होते
प्रचलन के आगे
अपवाद हुए होते
न
बँधे हुए पानी में
हलचल क्या होती
एक लहर अनहोनी
कहाँ तक भिगोती
खोखली हँसी हँसती
बालू-बालू फंसती
रेत की नदी के--
अवसाद हुए होते
@ @
गेरू की लिपियाँ / १७
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