श्री जवाहर किरणावली भाग ११ | Shri Jawahar Kirnawali Part -xi (pandav Charitr)

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Shri Jawahar Kirnawali Part -xi (pandav Charitr) by अज्ञात - Unknown

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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3 शान्तनु का विवाह हस्तिनापुर नामक एक नगर था। यो तो हस्तिनापुर अभी मेरठ के पास है पर कहा जाता है कि पाचीन हस्तिनापुर वहा था, जहा आज दिल्ली नगर बसा हुआ है। मगर धर्मकथा को इतिहास कौ दृष्टि से देखने की आवश्यकता नरी है । धर्मकथा इतिहास प्रकट करने कं लिए नहीं धर्म को प्रकाशित करने के लिए होती है। अत्तएव यहा ऐतिहासिक गवेषणा मे न पड़कर तात्विक बातो पर ही ध्यान दिया जायेगा | धर्मकथा आचरण बनाने का नक्शा है। हम धर्मकथा द्वारा जनता के जीवन को उन्नत बनाना चाहते है। अतएव इतिहास सुनने की आशा न रखते हुए धर्मकथा सुनने की इच्छा से ही आप मेरा वक्तव्य सुने ¦ कहा जाता है कि भगवान्‌ ऋषभदेव के सौ पुत्रो मे से एक का नाम करु था। उन कुरु के वशज ही कौरव कहलाए। कहीं-कहीं यह उल्लेख मिलता है कि भगवान्‌ ऋषभदेव के पौत्र (बाहुबली के पुत्र) राजा सोमभद्र ओर शेयास के वश मे कुरु राजा हए ओर उनकी सन्तान-परम्परा कौरव कहलाइ | करुवख मे बडे-बडे प्रतापी पुरुषो ने जन्म लिया दै} भगवान्‌ शातिनाथ, कुन्थुनाथ ओर अरहनाथ इसी वश की विमलं विभूतिया ह । सनत्कुमार चक्रवर्ती महापदय चक्रवर्ती तथा अनेक इतिहास-पुराण-प्रसिद्ध राजाओ ओरं महर्षियो ने कुरुवश को देदीप्यमान किया हे ! इस प्रतापशाली वश के सेकडो राजा घर्मपरायण हुए ओर उनमे से अनेको ने मुक्ति प्राप्त कीटहे। कहा भी है- शत्रपुत्याममून्नाभि-सूनो सूनु कुरुनूप | करुक्षेत्रमिति ख्यात राष्ट्रमेतत्तदाख्यया 1 | करो पुत्रोऽमवद्धस्ती तदुपज्ञमिद पुरम्‌ । हस्तिनापुरभित्याहुरने काश्चर्यसेवितम्‌ | । अर्थात-भगवान ऋषभदेव के सौ पुत्रो मे से एक का नाम कुरु था। 8 9 परदेश का राज्य दिया गया था वह प्रदेश कुरुक्षेत्र कहलाया | का ग पुत्र हस्तो हुआ । इस राजा हस्ती के नाम पर हस्तिनापुर नगर हहलाया | हस्तिनापुर मे अनेक आश्चर्य प्रकट हुए। छ टस्ती राजा के वश मे एक अत्यन्त पराक्रमी ओर चन्द्रमा की भाति साति देने पाले शान्तन्‌ राजा की त नामक राजा हुए} शान्तनु की गगा नाम की महारानी < ६ भीष्म का जन्म हुआ था। 0 ~ ~~ ~~ ~~~ ` पाण्डव चरिते ५ भन #




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