यूनान | Yunan

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Yunan  by रामनारायण मिश्र - Ramnarayan Mishra

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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जाता है और बहुत से फसल के पोदे भी सूख जाते हैं। युनान में शीत काल में कुहरा बहुत पड़ता है परन्तु उससे कुछ हानि नहीं होती है । कभी कभी वरफ भी पड़ती है । ग्रीष्म काल के प्चात्‌ की ऋतु अच्छी हाती ह ओर उस समय यूनान मे वषां हाती हे। पवतां के उपर ग्रीष्म काल में भी वर्षा होती है । परन्तु उस समय किसान लोग पहाड़ों पर नहीं रहते जिससे वह अपने झंगूरों के बाटिकाओं की देख भाल कर सकें, फिर अधिक ऊँचे पवतो पर लोग निवास नहीं करते हैं क्योंकि वहाँ पर विशेष शीत पडती है ओर कभी कमी वरफ १५ जून तक जमी रहती हे। ( १९२).




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