बादलों की गोद में | Badalon Ki God Men
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
135
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( १)
कवि वही, जो बादलों की गोद मँ दिन रात सोता |
वादलों के खींच रेशे,
भाव सम कोमल बना के,
काव्य का जो रूप लादे,
कवि वही, जो बादलों के संग उड़ता, और ऊँचा !
कवि वही, जो बादलों की गोद में दिन रात सोता |
धूल जो खाता धरा पर,
तोडता तारे गगन पर,
झाँकता आकाश में वह,
कवि वी, जो बादलों के संग हंसवा आर रोता !
कवि वही, जो बादलों की गोद में दिन रात सीता ¦
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