अमरप्रकाश | Amaraprakash
श्रेणी : पांडुलिपि / Manuscript

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
19 MB
कुल पष्ठ :
350
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भमरप्रकाण । ट
वा तिरस्कार किथागया वा
घिक्ारा गया - दूँ ।
प्रधित्यका (स्त्री ) पवेत के ऊपर
की भूमि ।
अधिपः (पुण) प्रमुवा स्वामी ।
अधिभूः ( पु० ) तथा ।
भधिरोक्चिणी (स्त्री) काष्ट इ-
त्यादि की सीदी।
अधिधासनम् ( नपु) वस्त्र वा
ताम्बूल इत्यादि को गन्धद्रव्य
से सुगन्धित करनावा वासना
इसको सोरभाधानः भी कष्-
ते हैं।
प्रधिवित्रा (स्त्री) कतसापत्निका
में देखो ।
अधिश्रयणी ( स्त्री ) चूल्हा ।
परधिष्ठानम् ( नपु° ) पडिवा, न्-
गर, अक्रमण वा अमल में
कर लेना ।
अधीन ( चि० ) (नः । मा । नम)
परतन्त्र बा परवश ।
भधीर ( बि० ) (रः। रा । रम्)
कादर |
अधीश्वरः ( पु० ) सब दिशा के
राजे जिसको प्रणाम करें ऐसा
राजा |
श्रधुमा ( भ्रव्यय' ) दूस घडो ।
अध (चरि) (्टः।श। म्)
भो ढीठा वा दीदी नदं भर्यात्
लज्जायुक्त ।
भधोक्षजः ( पुं० ) विष्णु ।
अधोगन्ठ (चि०) (न्ता । न्ती। न्ह)
(चि०) नीचे जानेवाला = ली,
( प°) मृसा ।
प्रधोमुवनम् ( नपुं° ) पाताल ।
भधोमुख (चरि) (खः।खी।
खम ) जिसका सुख भीचे हे ।
भधोएकम ( नपु° ) प्डिरमे कौ
धोती ।
अध्यक्ष ( त्रि० ) (त्तः । चा ।धम्)
(चि०) भधिकारी, निगहमानी
कंरनेवालान ली ( नपुं० ) प्र
व्यत्त ज्ञान, ( च्ि० ) प्रत्यक्ष
दान का विषय ।
प्रघ्यवसायः (०) उत्साह, मि-
शय, उद्योग ।
श्रध्यात्मम ( भरव्यय ) भात्मा के
भीतर ।
अध्यापक ( चि० ) (पकः पिका।
पकेम ) पदाने वाला = ली ।
अध्याहारः ( प° ) तकं ।
भअष्युटा ( स्त्री ) कतसापतिक्रा में
देखो ।
भ्रष्येषणा (श्त्री) रुरु श्ध्यादि का
सेवनं वा उनको प्राथेना से
कीईे प्रयोभन में लगाना ।
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