बड़े म्याँ | Bade Myan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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बड़े स्यों ११ कक्ता रे केवव्यो धन्नाजी को सेवव्यो । या, झाठ आाठ और चार बारह-बारद-वारदद चोईस--चोईस-चोईस-चोईस--छदिः यह साला हिसाब ही नहीं मिलता । ( बाहर से शावाज्ञ )--मन्नाजी सेठ ! श्रो मन्नाजी सेर 1 मन्नाजी--हस्या । दरिया--कई है ? मननाजी -'रे देख तो यह कौन बुला रहा है ? हरिया--होगा कोई । (गन्ना चूसने लगवा है- तुलसीराम की भर देखकर ) भरे ठलसीराम देख तो ! तुन्ली--(पीसते-पीसते) तेरी टॉग टूट गई है? जा देख झादतूदी। बाहर से था०--घजी सेखनी, थो सेठनी ! मन्नाजी--धरे हरिया के यच्चे ! देख तो फोन है ? इरिया--छरे चुलसी ! सुनता नी, ना देख तो 1 तु्तसी--श्चरे देखत्ता नदीं भंग जो पीस रहा हूँ--उठता नहीं ौर बैठा-बैढा गन्ना चूस रहा है । देखा न हजूर, न कुछ काम करता है न धन्धा, वैसा-वैरा गन्ना चू रहा है--जा । हरिया--काम नष्टीं करता ? भाजी लेने कौन गया ? द्वा लेने शफाखानें कौन गया ट तेरा दाली ?




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