श्री गुरुवदन भाष्य और पंचखाण भाष्य | Shree Guruvandan Bhashya Or Panchkhana Bhashya
श्रेणी : धार्मिक / Religious

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
959 KB
कुल पष्ठ :
90
श्रेणी :
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लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)<वदण् चि विदुकम्म, पूप्रारम्म् च त्रिणव तम्मच
कापव्य सस्य वकेण गदि सदेव कड सुत्तो ५५
कड गाय कइसिर कददिव श्ावस्मथ हि परिसुद्ध
कड दोम दिप्प मुरक विद वस्म कीम किरडवा 050घादन-यन्दन फर्म कट सिंग-फ्तिनी यक्त मस्तक
चिग--चिनिकम कई हियनया सिंतने _
सिद्कस्म --रतिकपं बाद से शी--श्राययर्फों
प्रा फर्म -पूत्ता कमद्वारा
गिणिग्र कम्म--नियकमं परि उड़ -शुद्धएयर करना यद् दोपनक्लिस दोपोंद्वारा
कस्स-दिसे प्ष्पिमुक्प्-रहित
च-श्रथया फिइ कम्म-रवि पर्णं
केण--फिसने रन्द्र)या द्रि-श्रपया†स्स-क्सिनियं
किस्द-क्ियातातार
वा-ग्रतयधाषटेर-र्सि समय
फट रुदतो क्तिनि ठन
कद प्रारय--करितन श्रयननशर्मएव^देन कमर, २ चितिकमं? 3 तिग्म १४ पनामन पिनियक्म ये पाच स्सिकोकरना?श्राचायदिको)
कन करे{ (सको दय द्रे य्(शान दहा तरोक्रितनी उन करे
(२ वत्त) कितना श्रयनत शिष्य सा प्रमाण (दो) किलनी यार
मस्तक नमावे * (2पार) फ्नने श्रास्म्यक से शुद्धक्या जाता
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