पंच - प्रदीप | Panch - Pradip

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
91
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)१८ पंच-प्रदोष
४
जीवन पर अधिकार हे !शशव पर पाकर विजय,कुसुमों से इतिहास लिख,अधरो के उन्माद से,चल-नयनों की प्यास लिख,
दुवे मानव को मिला यौवन पर अधिकार ह!
जीवन पर अधिकार हैंक्रमश: जीवन-मंच परसुख-दुख अभिनेता बने,द्र्य यवनिका के रहें,कुछ हसते, कुछ अनमने,
मृदु भावों को रुदन पर, गायन पर अधिकार हे!
जीवन पर अधिकार हं |प्रात उतर आता कि जबनिशि के मौन निकेत से,मधुऋत् आ जाती यहाँपतभर के संकेत सं
तब, प्यासी मरुभूमि को सावन पर अधिकार ह!
जीवन पर अधिकार हे !
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