डॉक्टरी चिकित्सार्णवका | Doctory Chikitsaarnavaka

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Book Image : डॉक्टरी चिकित्सार्णवका  - Doctory Chikitsaarnavaka
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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सूचीपत्र । बिस्य _ट कटयोाकल्याााााएएल्‍एएएएए्ट जम |ट्ड्ाजीराय ४, क्र १४७ इडार्जीराय वियोमाहडम्‌ इट वाईं चिरे मादडम्‌ शहैडार्जीराप एसीडास-या-दैड़ाजीराय फारसफरस--या-दैडाजीरायस्टफूरेटम्‌या दैड़ाजाय सल्फर १४८दम छीकलीब्ज भहटोफोरेट भौपः कोनैन र क्ष्ति। सर्वन्वर चिकित्सा १४९ रेर्मटिन्ट फीवर बातश्टेष्म ज्वर~या- त सन्तत ज्वर १५० *विटियटरे मीटेन्ट फीचर -पित्तरठेप्स ज्वर १५३ 'डाइफस फीवर--सच्निपात १५४ इंटर मेटिन्ट फीवर विपम शीतन्वर १५९ 'कटीन्यूड पीवर पित्तश्वर १६०डगर फीवर वफपित्तोटवण खन्निपात १६१ टाईफादृड फर दुध जनित ज्वर + फीमन फीवर-गला, सडा अन्न खानेते ~उत्पन्न हुआ ज्वर १६२ पाई एमिया-रस्कविकार ज्वर १६२ छेरिं जायटिसख-वात्र पित्तज्वर १६३ केडार फीवर बात कफज्यर ५प्टोरािस पित्त कफाधिर्य खद्निपात ” दानखी कारसू जिद्क सन्निपात १६४ हाइडरो थारंक्स-दात बढास ज्वर ” हेकटिक फीवरमलेपक ज्वर तपेदिक १६५'एमोनियां-राजयदमा-उसक्षत-खिठ 7 इस्कार लेटीना पानीझरा १७१ आस्मारपाक-शीतखा .१७२ ज्वरके भसखाध्य लक्षण १७२ प्यादखिखपिरमोभेखख याने क्षयकाख १८४ द्ोर्पिगकाफ याने झुष्ककास १८७ जांकाई याने सामान्य खांसी १७८ आस्मां-या-पजमा-याने श्वास १८१ न्यू मोथो रिक्स अथदा एकोनियां-याने स्वस्मद् १८्द्‌५(१९ ) विषय ~ -- ष्टःडिसपिषखिवा--याते--अनीणं चद्‌दजमी » १८४ डायास्विा-अ्थात्‌ अतीसारः १८६ डेमिन्टरी-मवाहिफा-भामातित्तार १८८ कानिक डायारिया-या-क्रानिक-डिम-स्ट्रिक डायारिया नर्थाद्‌ व्रणी १९१ काठरा-अर्थात्‌-विशुिका-दैना १९द गेश दरादटिक्ञ जयवा खाल दूहटस--गम्छपित्त १९३ हिमारेज अथवा इस्कारवी याने रक्तःपेत्त १९८केलिक-या-काठक अथात्‌ शुक २०१ इटसर भौप दीछी मफ-याने-परिणामखट २०४ सीन मथौत्‌ खारा २०९५ दषे गईटिस याने रीवरमथात्‌- यकृत २०६ फान्टेपीशन-याने-विषन्ध--भयौत्‌कञ्नी २९१० पेरीटोनाइटिस याने मछरो धक उदावते दद्धपडना २११ ट्वोबर क्योठर परीटो नाइटस, यामेउद्र्रोग नेषन आष्षाहटिख-यानेजटोदर ५. वेल अर्यात्‌ कृमि >१३ मूचरोग भ्रमहादि पथरी प्त ०१४सिफिलिस-याने-डपदंश आातशक २१२ इम्पोठन्सी-ध्दजभड़ याने नपुखकता २२ षभण्डवृद्धि २०८ इस्करा फथूला अथौत्‌ ग्रथि २२९. दिम रेडस था हिम रोइड-भर्थाद अरीर३० खेमा भथौत कष्ट ३२ ड्रॉप्सि याने शोथ यएपोष्धेवसी अथात्‌ सन्यस मू; २३७ एपिलेप्खी भथोत्‌ अपरमार मृगी २४३ एवस्रट्रासी दर्पोन्मत्तता ग्ध इनसान्दी अर्यात्‌ उन्माद धदलेर्यम्‌ द्विमल्स भयोव्‌ सिड २४६ परुपेटीशन अर्यात्‌ खपकान पगरषनां ५2




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