संस्कृत नाटकों में अतिप्राकृत तत्त्व | Sanskrit Natako Me Atiprakrit Tatv
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
8 MB
कुल पष्ठ :
457
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(ठ) सस्रत नाटक मे भ्रतिप्राइत तत्वअतमे ग्रथ को सहृदय व सुधी पाठकों के हाथों में सौंपते हुए यहीं निवेदन
है कि इसमें प्रमाद या अज्ञान वश मुक्त से जो भी नुटिया हुई हो उन्हे वे उदारतापूर्वर
क्षमा करेंगे । सस्ऊृत नाटक कयै श्रवगरति एव रसास्वादन म यदि दम ग्रन्थ से प्रवद्ध
पाठकों को कुछ भी लाभ होगा तो श्रपने श्रम को सार्थक मानू गा ।सरकृत विभाग ज
उदयपुर विश्वविद्यालय, उदयपुर --मृलचन्दर पाठक
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