मुगलों के आधीन काबुल का सूबा | Mugalon Ke Aadhin Kabul Ka Suba

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Mugalon Ke Aadhin Kabul Ka Suba by डॉ. हेरम्ब चतुर्वेदी - Dr. Heramb Chaturvedi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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यहाँ मच्छरों की अधिकता थी जिससे इस मैदान पर बैँँधने वाले घोड़ों को. बहुत कष्ट होता था। काबुल से दो मील की दूरी पर पश्चिम की तरफ दुर्रीन नामक मैदान था।“** पूर्व की तरफ सियाह संग नामक मैदान था। 22 काबुल राज्य चौदह प्रदेशों मेँ विभाजित था।ये प्रदेश तूमान कहे जाते थे। < समरकन्द, बुखारा ओर इनके पड़ोसी स्थान इमान कहलाते थे! अन्दिजान, काशगर और उसके आसपास का क्षेत्र उरचीन कहा जाता था। काबुल के पूर्व में लमगानात या, उसमें पाँच तूमान और दो बुलूक थे। <“ सबसे बड़ा तुमान सीन गनहार था। इस तूमान का हाकिम काबुल से पूर्व बयासी मील की दूरी पर स्थित अदीनापुर में रहता था1~2 काबुल से नीन गनहार [1 1 11 0 1 8 1 8 1 8 1 री 28000 000 णी णी 21. बाबरनामा, पू0-147 22. वही 23. वही, पृ0-149 24. वही , पू0-150 25. वही




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