मुगलों के आधीन काबुल का सूबा | Mugalon Ke Aadhin Kabul Ka Suba

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Book Image : मुगलों के आधीन काबुल का सूबा  - Mugalon Ke Aadhin Kabul Ka Suba
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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यहाँ मच्छरों की अधिकता थी जिससे इस मैदान पर बैँँधने वाले घोड़ों को. बहुत कष्ट होता था। काबुल से दो मील की दूरी पर पश्चिम की तरफ दुर्रीन नामकमैदान था।“** पूर्व की तरफ सियाह संग नामक मैदान था। 22काबुल राज्य चौदह प्रदेशों मेँ विभाजित था।ये प्रदेश तूमान कहे जाते थे। < समरकन्द, बुखारा ओर इनके पड़ोसी स्थान इमान कहलाते थे! अन्दिजान, काशगरऔर उसके आसपास का क्षेत्र उरचीन कहा जाता था।काबुल के पूर्व में लमगानात या, उसमें पाँच तूमान और दो बुलूक थे। <“ सबसे बड़ा तुमान सीन गनहार था। इस तूमान का हाकिम काबुल से पूर्वबयासी मील की दूरी पर स्थित अदीनापुर में रहता था1~2 काबुल से नीन गनहार[1 1 11 0 1 8 1 8 1 8 1 री 28000 000 णी णी21. बाबरनामा, पू0-147 22. वही23. वही, पृ0-149 24. वही , पू0-15025. वही




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