अन्तर्राष्ट्रीय संगठन | International Organization
श्रेणी : इतिहास / History

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
7 MB
कुल पष्ठ :
385
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)4 राजनीतिक विचारधाराक पेते तत्व एव तय जिन्हे झधिकाश सयाजवादों वाछुवीय मानते हैं। इन
माघाहों पर बुद्ध विद्वानों नें इसे परिभा यित करने ना प्रयत्न विया हैं जिससे यदि
गाशिक हम में भी समाजवाद का र्थं सममा जा सरें तो विवेचन वी समस्या
थोड़ी बहुत हम हो सबती है ।समाजवाद की कई.परिभाषाएँ हमारे सामने श्राती हैं। पेरिस वे एक पत
16 ९1410-मे 1892 पे जव समाजवाद ङो परिभाषाधो को > 0 -1892 ये उव समाजवाद की परिभाषाधों मो एकल करने का
शा तिया दा नुग 600 रसिता ऋ भह पाष्या + उ प्रि
(एण 000४) ने अपनी पुस्तक 15 5००८१6१: 4 अण्णो
(1924)-से सपाजवाद को लगभग 26 परिभाषाएँ दी हैं । भाजवल जिन पुस्तकों
में समाजवाद की समीक्षा मिसर्ती है उनमें यहीं ढुछ परम्परागत परिभापषाएँ प्राय,
देखने में प्राती है 1 मो एल) के मतानुसार ““भमाजवादो व्यक्ति व्ह भो घय
क श्रन्वगत स्रगधित समाज को इस हृप्टि से देखता है वि बह शाधिव वस्तुझों का
न्याय पपत वितरण बरने तथा मानवता को ऊंचा उड़ाने मे सहायव हो ” इसी
प्रकार भ्रम्रेज दार्शनिक बुन्द रपस् (81180 ९०४९॥) के विचारों षौ
अद्धृत सथा जत्रा है जिन्त व वो भुमि तथा सम्पत्ति के सामाजित
स्वामित्व द] समर बताया है ।” एनमाइकलोपीडिया द्रिका [कदत
ठो को बहुत षा क अनुसार गए अनुसार रगमाणवाद उत ननि के सिद्धान्त वो बढ़ते है जिसना उद्देश्यएक केन्द्ोय लोक्तन्वीय सता रत्तं प्रमान च्या की ज त पातत सन क मेला धन धनु
वउतम जोम ण पीन रहते हुए धन का उत्तम उत्पादन व श्रधीन रहते हुए धन का उतम्र उत्पादन
उपनन्ध इरना ३ 77
नइनके श्रतिरिक्त निम्नलिखित प्रमिद्ध समाजवादी तथा विद्वानों थे विभारों को
देना ग्रधिक उपयुक्त होगा-- +
इगरलेण्ड के प्रशिद्ध समाजवादी राजनीतिज रेमजे मेकडोनेहड (1. 1२87539
मैथिटा)०0818)-''मामान्य रूप से समाजवाद वी इससे झच्छी परिभाषा
नहीं हो सकती वि समाजवाद का उद्देश्य समाज के माधिक तथा भौतिक
शवितियों का मानवीय शक्तियों द्वारा सगटन एव नियन्त्रण करना है ।” &7 “5०० 7 कनालमणः पलत कोलो 4४8 ०2 ऽतल्फताण्ड 09८ व्लाणिन
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