प्रज्ञा प्रतीति परिणाम | Pragya Pratiti Parinam

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
6 MB
कुल पष्ठ :
172
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)साधना के विकास की प्रक्रिया ६
आलोचना-प्रत्यालोचना करते हुए मुझे हार्दिक प्रसन्नता हो रही है। मैं
मानता हूं, प्रगाढ़ मैत्री की ओर हमारा एक और चरण बढ़ा है जो
मानव-मात्र के कल्याण का निमित्त बनेगा ।
१. र अप्रैल, १६७१ को मंक्सम्यूलर भवन, नई दिल्ली द्वारा
आयोजित विदेशी विद्वानों की सभा में अवधान-प्रयोग के अवसर पर दिया
गया भाषण ।
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