झरोखे | Jharokho

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : झरोखे  - Jharokho
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about श्याम महर्षि - Shyam Maharshi

Add Infomation AboutShyam Maharshi

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
सरगाँवभर दात्या विष्पंसेकस उड़तीपरनहर काठ पढ़ग्यी इए मुदरा में एुमग्मो फरूंकपीन रो काममिनस मोक पोर भददूरो करण तात्र एमन यकाम प जावहा साप्पा | म पातारं शोर रण्यो मी मिम मीं मिनस रौ मायो कोई कोनो निनरें भायों भ्याह्मेष कायम गोतेदै पठीने/बठीने पालिवा-पास लिया बता यता भूसा/विरस्यी जिनापर शेते हैरकंवारी भूपंड़ियां रा धान उड़ावता भटक साम्या मुतसानीसरगी मऊ सास कानीहाइशा नोसरग्या ढोरां रा, मिनतां रा पातासां पेसग्यो पाणीभूल भर तिरस सूतमरण सगस्वा सिनसमजो होपो काग-विरमड़ां रस1. नन्द भारदाज, भधार पल प° 13-14 2. रमेश मयक-परात : तीन वितरम्‌ 3. रामेशवर दयात धमासो, मदासो गांव पु० 47{ 15 1




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now