लोकगीत के संदर्भ और आयाम | Lokgiton Ke Sandarbh Aur Ayam

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Lokgiton Ke Sandarbh Aur Ayam  by शांति जैन - Shanti Jain

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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प्रकाशनाधीन पुस्तकें१.अश्मा ( खण्ड काव्य) -- प्रेस में२. धूप में पानी कौ लकीर (गजल, गीत, कविताएं) -- प्रेस में ३. होली (लोकसंगीत) ४. व्रत ओर त्योहार की कथाएँ ( बाल साहित्य) ५. दसन्तसेना (रूपान्तर) ६. वासवदत्ता ( रूपान्तर) ও. कादम्बरी ( द्वितीय संस्करण) देश के विभिन्न पत्र -पत्रिकाओं में लगभग डेढ़ सौ रचनाएँ प्रकाशित। पुरस्कार एवं सम्मान १. १९८३ में बिहार सरकार के राजभाषा विभाग से ' चैती ' पुस्तक पर पुरस्कार । २. १९७८ मेँ कहानीकार जैनेन्द्र द्वारा ` छलकती अंखिं ' गीत संग्रह के लिये सम्मान । ३. पटना कौ एक साहित्यिक मंस्था द्वारा ' साहित्यमणि' को उपाधि। ४. मथुरा को एक संस्था द्वारा ' साहित्य सरस्वती ' को उपाधि ५. प्रबुद्ध सांस्कृतिक मेच, पटना द्वारा काव्यकोकिला कौ उपाधि। ६. पटना को एक संगीत संस्था द्वारा गीतकार के रूप में सम्मानित । ७. ' साहित्यांचल ' पटना द्वारा ' गीत गौरव ' कौ उपाधि। ८. १९९५७ में रणधीरप्रसाद वर्मा सम्मान साहित्यिक योगदान हेतु। अन्य क्षेत्रों में योगदान १. पिछले तीस वर्षों से आकाशवाणी पटना से लोकगीत, सुगम-संगीत, भक्तिगीत, वार्ता, रूपक लेखन, कविता आदि का प्रसारण। २. आकाशवाणी की स्वीकृत गीतकार । ३. दूरदर्शन दिल्ली एवं पटना से कार्यक्रम प्रसारित। ४. ग्रामोफोन कम्पनी, एच०एम०वी० एवं इनरेको द्वारा स्वयं लिखे एवं गाये गये गीतों के रेकॉर्ड ५. फिल्मों में गीत लेखन-- हक के लड़ाई, माई के दुलार, मेरा नाम क्या है (टेली फिल्म), अभिशाप (रेलीफिल्प)। ६. दुर्गासप्तशती सम्पूर्ण, सुन्दरकाण्ड के कैसेट तीन-तीन भागों में | ७. फिल्म “মাহ के दुलार ' मे पाश्वगायन। ८. ' बोल बम भोले ' कैसेर (एचण्एमणन्वी०), छट गीत कैसेर। ९. “অন जय वैष्णवि माता हे ' कैसेट के दस गीतों की गीतकार (एच०एम०वबी० ) | सदस्यता १. अल्पसंख्यक आयोग, बिहार २. 'टेम्पुल ऑफ अण्डर स्टैंडिग” (सुलभ इण्टरनेशनल से संबद्ध संस्था) ३. अखिल भारतीय महिला संघ ४. संगीत परिक्रमा२2५1




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