सोवियत संघ का आर्थिक विकास | Soviyat Sangh Ka Arthik Vikas

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Soviyat Sangh Ka Arthik Vikas by हीरालाल तिवारी - Hiralal Tiwari

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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~ सोवियत सङ्क का श्राथिक विकासि पीट (९६३६) | पीट बिजली का तार बनाने में प्रयुक्त होता है। सोवियत सल्छु में यह सर्वाधिक उपलब्ध है| यह मास्को, आइवेनो, यारोस् लेब्ल ओर लेलिनग्राद में मिलता है | गैस ट्रांस काकेशिया, उत्तरी कुकेशिया, मध्य एशिया, उत्तरी और मध्य यूराल तथा पीचोरा में अधिकता से उपलब्ध है। १६५६--६० में गैस का उत्पादन ढाई गुना हो जायगा | जल विद्युत शक्ति হুলীনহ অল विद्युत केन्द्र सबसे बड़ा है। पांचवीं पंचवर्षीय योजना (१६५१-५५) द्वारा विज्ञान के अधुनातन साधनों से युक्त निम्नलिखित जलविद्युत केन्द्र खोले गए हैं - स्सिम्लेनेस्फया जलविदयुत केन्द्र ( लेलिन बोल्गा-दान नहर पर ), ग्यूमुस केन्द्र ( अमंनी में ) वेरख्ने स्विर केन्द्र ( लेलिनग्राद क्षेत्र में ) मिनगेच्योर केन्द्र ( अजबेजान में ), कामा ओर काखोब्का केन्द्र ( दूनीपर पर ), गोर्की केन्द्र ( वोल्गा नदी पर ) नार्वा केन्द्र आदि | २२,००,००० किलो० क्षमता वाले दो जल-विद्य त केन्द्र इरकुत्स्क (अंगारा नदी पर ) और बक शीघ्र ही कार्य करने लगेंगे और इतनी ही क्षमता का दूसरा केन्द्र क्रास्नोयारस्क बनाया जा रहा है। १६६० में ३२० लाख किलो० बिजली कोयले से उत्पन्न की जायगी । खनिज पदाथ लेल्िनग्राद, मार्को, एलेक्वोस्ताल, वेक्सा, अओमुत्निन्‍्स्क, ज्लातोत्स, ज्दानोव, पित्रोवास्क-जावेकास्स्की, कोम्सोमोलस्क मे इस्पात, राग, वुला, लिपेतस्क ক্সাহি উ कच्चा लोहा, वोल्खोव मे श्रल्यूमुनियम, बेमाक, मेदनागोस्कं अलवदी म ताबा; मिलता है । जस्ता, शीशा श्रौर निकल भी आवश्यकता भर उपलब्ध है | भवन: निर्माण के कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्री ग्रेनाइट, संगमरमर,




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