राष्ट्रीय विकास की सरल रूप रेखा तथा शासन | Rashtiy Vikash Ki Saral Roop Rekha Tatha Shasan

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Book Image : राष्ट्रीय विकास की सरल रूप रेखा तथा शासन  - Rashtiy Vikash Ki Saral Roop Rekha Tatha Shasan

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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नसन्‌ १६१६ के अ्रधिनियम को जन्म देने वाली परिस्थितियाँ ] { १३ सन्‌ १६१८ में वाइसराय के सम्मुख पेश की ओर यह इतिहास में “४१६ सदस्यों की योजना” के नाम से प्रसिद्ध है। इस योजना के श्रनुसार ब्रिटिश सरकार से शिफारिश की गई थी कि जनता को राजकार्यों में भाग लेने की वास्तविक शक्ति दे दी जाये श्रौर उन पर से अ्रस्त्र-शस्र के उपयोग, सेवा एवं प्रशासन में उच्च पर्दों पर नियुक्ति श्रादि के सम्बन्ध में प्रतिघन्ध हटा लिये जायें क्‍योंकि वे स्पप्टत, अग्रे जो द्वारा भारतीयों के प्रति अविश्वास के सूचक थे | वैधानिक सुधारों के सम्बन्ध में, ये माँगें पेश की गई कि केन्द्रीय एव प्रान्तीय व्यवस्थापिका-सभाश्रों के कप्र से कम आधे सदस्य भारतीय होने चाहिये और उनका निर्वाचन मी भारतीय जनता द्वारा होना चाहिये; सभी व्यवस्यापिका-समाओं में निर्वाचित सदस्यों का बहुमत होना चाहिये; मताधिकार व्यापक होना चाहिये ताकि शासन का स्वरूप यया- समव प्रजातात्रिक हो जाये और व्यवस्थापिका सभाओं के सदस्यों की सख्या बंदा दी जाये | इस योजना का लक्ष्य था कि पेंन्दीय व्यवस्थापिका-समा की सदस्य संख्या कम से कम १४५० श्रौर प्रान्तीय व्यवस्थापिका समाओं की कमर से कम १०० कर दी जाये, यद्यपि दे प्रान्तों में दसकी सख्या ७५. भी रक्खी जा सकती थी | ह सिफारिश की गई कि व्यवस्थापिका सभाओं को कानून बनाने की पूर्ण स्वतन्त्रता दे दी जाये और उनको घन-विधेयकों सम्बन्धी अधिकार्से से वनित नदी किया जाये 1 इस प्रकार इस योजना द्वारा प्रान्तों में पूर्ण स्व॒राज्य की स्थापना की कल्पना की गई थी। श्रल्प-सख्यक जातियों के लिये भी स्थिति के ग्रनुतार द्वितों की रक्षा का प्रस्ताव किया गया था| इनके अतिरिक्त, इस योजना में यह भी सिफारिश की गई थी कि सपरिषद्‌ ग्वुनर-जनरल € 305:00:-392981-0-000001 ) যা सपरिषद्‌ गर्ननर दाग विधेयक पर श्रभिपेष के श्रधिकारको सीमित कर दिया जये। भारत मत्री फी कातलिफोभगक्लेका प्रस्ताव किया गया श्रौर यद प्रा्थना की - गई कि उसकी स्थिति को उपनिवेशशों के मत्री के समानान्तर फर दिया जाये | कपिल के स्थान पर इस योजना के निर्माता भारत-मेंत्री की सद्दायता फे लिये स्थायी उर्मत्रियों की नियुक्ति चादते ये जिनमें एक का भारतीय होना चादुनीय या | इन सुका के श्रतिरिक्त इस योजना में योदपियनों और भारतीयां के बीच बच्छे सम्बन्ध स्थापित रखने का अ्रमिस्ताव भी क्या गया था পেপসি সস 1, ©. 2, छाएए। [200৮5 10 00150 0০0৪6081050] 600 ১০০2০] 10৩01010700,




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