नेवारी लोक-गीत | Nevari Lokgeet

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Book Image : नेवारी लोक-गीत  - Nevari Lokgeet
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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मल्लकालीन केही ठोक-गीत ( १५५०-१७७१ ई० ). श्री महीद्धर मल्ल-कपटी मायाले बध्यो हे हिव- श्री सदाशिव मल्ल-श्री गुह्य श्वरी माता. श्री प्रताप सल्ल-मोह गरितन्‌ रे वाहु रे वाह. श्री पाथिवेन्द्र मत्ल-सिहको जगर समाईम कहाँ गद भेट (रानी राञ्यलक्ष्मीदेवी). श्री योगनरेन््र मत्ल-प्रभु बिनु के छ उपाय (रानी नरेच्द्रलक्ष्मी श्री भूपालेन्द्र मल्‍ल-राधिका कृष्णजीको अंग (रानी ऋद्धिलक्ष्मी ) . श्री भास्कर मल्ल-नारायणजी पवेतद्ेउ. श्री भूपतीद्धर मल्ल-कसरी थाहा पादनं नारान




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