नये जीवन की ओर | Naye Jivan Ki Or

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
114
श्रेणी :
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विमला दत्ता - Vimala Datta
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शिवचंद्र दत्ता - Shivchandra Datta
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)स्ह ` १३
मे--“नही-नही, माजी, भला यह भी कोई भूलने को बात
है 1 अच्छा ज्ञाति, तैयार हो न।''
शाति--“हां, तैयार हू 1
मे जौर णाति भिगु-गृह मे जाकर वहा का सारा प्रवध
देख आये । श्राति वहा के तौर-तरीको से, मुस्करानौ सफंदपोग
नसो से, चमचमति कमगें से, सेल-विन्टौनो, पालनो मे खाने
के प्रबंध से अत्यत सतुप्ट हुई ।
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