ध्यान योग प्रकाश | Dhyan Yog Prakash

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Dhyan Yog Prakash by राम देव - Ram Dev

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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(৯) (£ प्रचीपत्र । विषय (क) सप्त ज्याहति मन्त्र .. प्राणायाम द्वितीय की चिल्लत विधि प्राणायाम ठृतीय की विछत विधि চি प्राणायाम चतुर्थ की विस्तृत विधि क श्री व्यासदेव तथा स्वामी दयानन्द सरस्वती सम्पादित चारा प्राणायामो की चिधि आश्चर्यद्शेन से चकित होकर योग के होने का निश्चय करना देव[घुर संग्राम प्राणायाम वीर्याकर्षक अर्थात्‌ ऊध्षे रेता होने की विधि प्राणायाम गर्भस्थापक अर्थात गर्भाधान विधि प्राणायामों का फल र | प्रंत्याह्मर भ ॥ क সহ্যাহাহ का फल : *.. साधनचतुष्टय मुक्ति के प्रथम साधन--श्रवणचतुष्ट य ( श्रवण, मनन, निदिध्यासन ओर साक्षात्कार ) (क) पद्चकोशव्याल्या ष ` (श) प्न्रमयकोश ख) - प्राणमय कोश मी (य) पाचों भाणो के कमे क, ४ উর (र) अन्नमय तथा प्राणमय कोश विषयक पनि पदों और वेद के प्रमाण (इ) मनोमय कोश (ই) विज्ञानमय कोश (ड) आनन्दमय कोश (ख) अवस्थात्रय (ग) -शरीरत्रय (वा शरीर चतुर्विध ) १४० १५३ १५५ १५६ १६० , १६८१ त १७१ १७३ १७४ १८४ १८९ १८७ १७८ श्प्प श्प्प १८६ १८६. १९१ १६७ १६७ श्ध्द १६८ १६६




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