जुड़ाव | Judav

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Judav by पारस अरोड़ा - Paras Arora

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about पारस अरोड़ा - Paras Arora

Add Infomation AboutParas Arora

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
बरस-जातरा गये बरस लागा तीन सो पेसठ झटका जमी-कम्प रा अंडा हरेक झटक॑ सू इछा री मीनारामे खिचती गई तेडा । बरस समाप्ती साथ केई विखरण लागी खिरण लागगी पान ज्यू सूख-सूख आसावा | म्है है उन्ञड वस्ती रं सून्याडमे ऊभौ नुवं बरस रे स्वागत सार नुवी मीनारा खडी कर रयौ ह जूनी भीनारा री साछठ-सभाव्ठ टूट-भाग চা লাই चढगी है। लारला बरसा ज्यू ओ ई म्हारे साये भटकैला खेलैला, देखेला




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now