सुन्दर ग्रंथावली भाग 2 | Sundar Granthawali Vol. 2
श्रेणी : संगीत / Music

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
41 MB
कुल पष्ठ :
714
श्रेणी :
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लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :
सुन्दरदास जी -Sundardas Ji
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हरिनारायण वर्मा -Harinarayan varma
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( ११ )पद द
१५--राग सिधूडोः--( १) दादू सूर सुभद दृ धंभण
(२) सोई सुर बौर स्राव॑ंत्त सिरोमनि
(३) द्र दट आई जुडे धरणी पर( ४ ) तडफड़े सूर नीसान घाई पड( ^ ) महा सुर तिन कौ जस गाद--राग सोरटः-(१) एसो तं जुम कियो गढ़ घेरी
(२) भाजं कादर भिडि भारथ साम्दौ
(३ ) सोई गाढरे रण रावत वांको
( ४ ) जो कोई सुने गुरु की बानी( £ ) मेरा मन राम सो छागा( ६ ) ऐसी योग युगति जब होई( ७ ) हमार साहु रमइया मोटा(८ ) देखह साह रमइया ऐसा(६ ) मोहि सतगुरु कहि समुमाया हो
( १० ) मेरे सतगुरु बड़े सयाने हो( ११ ) उस सतगुरु की बलिहारी हो
. (१२ ) सोई संत भल्ता मोहि छागे हो
( १३ ) वें संत सकट सुखदाता हो( १४) भाई रे सतगुर कदि समुकाया
( १९ ) भाई रे प्रगल्या ज्ञान उज्ञाला( १६ ) सब कोऊ भूलि रहे इहिं बाजी
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